Tuesday, 23 September 2014

दिल दहला देने वाली घटना - सवाल यह उठता है की क्या किसी व्यक्ति की जिंदगी से भी महत्वपूर्ण क्या हो सकता है। जी हाँ दिल्ली के एक चिड़ियाघर में बाघ ने एक व्यक्ति को मार डाला और उसकी जान इसलिए नहीं बचायी जा सकी की  बाड़े के कर्मियों के पास ट्रेंक्यूलाइजर गन (बेहोश करने वाली बंदूक) या अन्य उपकरण मौजूद नहीं था। क्या व्यक्ति से ज्यादा उस बाघ की जिंदगी महत्वपूर्ण है या फिर वो एक आम नागरिक है इसलिए उसकी जिंदगी को महत्वपूर्ण नहीं समझा  गया। अब इस घटना में सफाई जो भी पेश की जाये लेकिन यह दिल दहला देने वाली घटना कई सवालो को खड़ा करता है।
क्या चिड़िया घर की कर्मचारियों को  उस प्रावधान का ज्ञान नहीं है जिसमे भारतीय संबिधान जीवित रहने का अधिकार देता है । 

Saturday, 17 May 2014

शेर को शिकार करते देखकर लोग यही दुआ करतें है की वह बच जाय और जैसे ही वह बच जाता है लोग ख़ुशी से उच्छल पडतें है । ऐसा नहीं है की लोग उस शिकार से प्यार करतें है इसीलिए ख़ुशी से उच्छल पडतें है बल्कि वो ऐसा इसलिए क्योंकि लोग उस शेर से नफ़रत करतें है । 

Thursday, 15 May 2014

''क्या हममे से अधिकांश हिन्दू यह नही सोचतें की भारत हिन्दुओं क़ी भूमि हैं। लेकिन मै बता देना चाहता हूँ कि पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पडोशी जहां आज़ादी है,बहुशंख्यक के अनुसार ही देश चलता है बावज़ूद इसके वहा आराजकता के  आलम  हैं । 

Wednesday, 14 May 2014

स्थानीय समस्याओं का समाधान एक स्थानीय  ईमानदार और सही प्रत्यासी ही  कर सकता है,दिल्ली या गुजरात से कोई नहीं आयेगा। 

Tuesday, 6 May 2014

आम जनता की मूर्खता

वर्तमान में आम सभा का चुनाव एक गंदी राजनिति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बनकर रह गय है।बड़े-बड़े नेता लोगो को मुख्य मुद्दे से हटाकर अपनी ऊल्लू सीधा करने को प्रयाशरत है।कोई भी नेता लोगो को अपनी विकास नीति बताकर आकर्षित नहीं कर रहा  है बल्कि एक दुसरे पर कीचड उझाल कर वोंट बैंक की राजनीति कर रहा  है। जनता भी इनके झांसे मे आकर वाह! वाह! कर रही है लेकिन वास्तविकता कुछ और है और वो यह है कि इन नेताओ के पास कोइ सटीक विकासनिति है ही नही। 
                                          बबलू देव 
                                    (खड्डा-कुशीनगर) 
                              deobabaloo@gmail.com 

Saturday, 19 April 2014

मेरा घोषणा पत्र

                  शिक्षित एवं विकसीत भारत

  • सभी के लिए शिक्षा की अनिवार्यता। 
  • जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त प्रभावी कदम।
  • गरीबी उन्मूलन के लिए रोजगार उपलब्ध करान। 
  • औद्योगीकरण का बढ़ावा । 
  • कृषि के लिए तकनीकी शिक्षा एवं आधुनिकरण । 
  • चिकित्सा का आधुनिकरण एवं शिक्षा को बढ़ावा । 
  • प्रशासन में आम नागरिको की भागीदारी । 
  • शराब एवं अन्य नशा से सम्बंधित उत्पादों पर पूर्णतः रोक । 
  • युवाओं को विश्वविधालय एवं कालेजो में पार्ट टाइम जॉब की व्वस्था । 
  • भ्रष्टाचार मुक्त भारत हेतु स्वतंत्र,निष्पछ एवं शक्तिशाली आयोग का गठन । 
                                     
बबलू देव
(विधार्थी )

Thursday, 17 April 2014

नशा मुक्त और शिक्षित भारत

                        नशा मुक्त और शिक्षित भारत 

  • शिक्षा का प्रोत्साहन और सभी के लिये अनिवार्य शिक्षा|
  • हिन्दी एवम् अंग्रेजी शिक्षा की पूरे भारत मे अनिवार्यता|
  • कृषि का प्रोत्साहन एवम् किसानों को कृषि शिक्षा की अनिवार्यता|
  • शराब एवम् नशा से सम्बंधित उत्पादन पर पूर्णतः रोक|
  • सड़क के किनारे निवास करने को मजबूर एवम् झुग्गी बस्तिओं की आवास की व्यवस्था|
  • महिला सशक्तिकरण एवम् उनकी शिक्षा की अनिवार्यता|
  • भ्र्ष्टाचार  मुक्त भारत के निर्माण हेतु स्वायत आयोग की गठन|
  • कानून व्यस्था मे नागरिको की भागीदारी सुनिश्चित|
  • प्रतिनिधियों को जबाबदेही बनाने हेतु जनता को राइट टू रिकाल का अधिकार |
  • राजनेताओं पर लगे मुकदमों को तीन महीने के अंदर निपटना|
  • युवाओं को रोजगार मुहैया करना |
  • विश्वविद्यालय  एवम् कालेजो मे पार्ट टाइम जॉब की व्वस्था|

                                                                     "बबलू देव "
                                                                       (विधार्थी)
                                                    मनमोहन पार्क-कतरा,इलाहाबाद 

जीवन प्रकाश

 अपने दीपक खुद बनो तुम
किसी से मत कुछ आश रखो तुम,
 पर खुद ही आशा और विश्वाश रखो,
यही तो जरूरतें है तुम्हारी,
          अपना सम्बल आप बनो तुम,
          इनको लेकर साथ चलो तुम,
          जब साथ छोड़ देंगे सभी,
           मुंह मोड़ लेंगे सभी,
 अँधेरे में छोड़ देंगे,
तुम्हारा नाजुक दिल तोड़ देंगे,
तब कौन देगा सहारा?
उस पल याद रखना,
           तुम केवल  इतना करना,
           जीवन पथ पर आशा साथ,
           अकेले में सहस के साथ,
           लोगो में विश्वाश के साथ,
  बस योंही जीना,
अंधकार में प्रकाश लाना,
यही तुम्हारा सम्बल है ।

Wednesday, 16 April 2014

''१६ वीं लोकसभा चुनाव में जिसप्रकार से राजनेताओ ने अपने स्वार्थ हेतु एक दूसरे पर अपशब्द भाषाओं का प्रयोग कर रहे है , वाकई बड़ी गंभीर रोग है जो लोकतंत्र के लिए घातक है । मेरा मानना है  की जब आप देशहित की बाते करतें है तो वहा  व्यक्ति विशेष की बातें बेमानी है ।
मै मित्रों और भारत वाशिवों से अपील करता हूँ की जो भी नेता देश की विकाश से सम्बंधित मुद्दों से हटकर किसी व्यक्ति विशेष पर बातें करता है या उसकी आलोचना  करता है वो निश्चित ही लोगो को मुर्ख बनाने का कार्य करता है। क्योंकि हकीकत यही है की उसके पास  देश के विकाश के बारे में  कोई जानकारी नहीं है , उसके पास देश के विकाश के लिए कोई योजना नहीं है। इसीलिए आप इन नेताओं की झांसे में न पड़कर ईमानदार और काबिल को चुनिए ।"
                     ……………… जय हिन्द। …जय भारत। ................... 

Friday, 31 January 2014

Golden Life 1

मै बबलू देव,बिहार का रहने वाला हूँ और इल्लाहाबाद  से I.A.S. बनने को आया हूँ। मुझे  राजनीति  भी पसंद
है। मैं भारत के वर्त्तमान परिस्थितियों से प्रभावित होता हूँ । मुझे देश के विकास के लिए निश्वार्थ सेवा करने कि इच्छा है । मुझे गरीबों कि असहनीय दयनीय स्थिति दुःख देती हैं । मैं वाकई इसे देखकर दुःखी हो जाता हूँ । मेरा मन भटकता है मैं कुछ पल के लिए घबरा जाता हूँ । मेरे रोंगटे खड़े हो जातें है ।मै वाकई बिचलित हो  जाता हूँ ।कई बार मैंने इनके लिए कुछ करने कि कोसिस कि तो पाया कि मै एक असम्भव को सम्भव बनाने कि कोसिस कर रहा हूँ । मै सोचता हूँ कि मै अपना समय आई.ए.एस.बनने  के लिए क्यों बर्बाद  कर रहा हूँ आखिर मै  ऐसा क्यूँ कर रहा हूँ। मेरा लक्ष्य इन गरीबों कि सहायता करना ही तो है। मैं घबरा जाता हूँ ,मुझे भय होता है कि कही मै अंधकार मै  तो नहीं। मै  खुद से कई बार इस बात को पूछता कि हकीकत क्या है,सद मार्ग क्या है ?मेरा अंतरात्मा मुझे समझाता  है कि मेरा ऐसा सोचना अकर्मण्यता है। वह मुझसे कहता है कि आखिर तू इनके लिए इस समय कर ही क्या सकता है। तेरे पास क्या है जो तू इनके लिए कुछ कर सकता है।