दिल दहला देने वाली घटना - सवाल यह उठता है की क्या किसी व्यक्ति की जिंदगी से भी महत्वपूर्ण क्या हो सकता है। जी हाँ दिल्ली के एक चिड़ियाघर में बाघ ने एक व्यक्ति को मार डाला और उसकी जान इसलिए नहीं बचायी जा सकी की बाड़े के कर्मियों के पास ट्रेंक्यूलाइजर गन (बेहोश करने वाली बंदूक) या अन्य उपकरण मौजूद नहीं था। क्या व्यक्ति से ज्यादा उस बाघ की जिंदगी महत्वपूर्ण है या फिर वो एक आम नागरिक है इसलिए उसकी जिंदगी को महत्वपूर्ण नहीं समझा गया। अब इस घटना में सफाई जो भी पेश की जाये लेकिन यह दिल दहला देने वाली घटना कई सवालो को खड़ा करता है।
क्या चिड़िया घर की कर्मचारियों को उस प्रावधान का ज्ञान नहीं है जिसमे भारतीय संबिधान जीवित रहने का अधिकार देता है ।
क्या चिड़िया घर की कर्मचारियों को उस प्रावधान का ज्ञान नहीं है जिसमे भारतीय संबिधान जीवित रहने का अधिकार देता है ।

