शेर को शिकार करते देखकर लोग यही दुआ करतें है की वह बच जाय और जैसे ही वह बच जाता है लोग ख़ुशी से उच्छल पडतें है । ऐसा नहीं है की लोग उस शिकार से प्यार करतें है इसीलिए ख़ुशी से उच्छल पडतें है बल्कि वो ऐसा इसलिए क्योंकि लोग उस शेर से नफ़रत करतें है ।
Saturday, 17 May 2014
Thursday, 15 May 2014
''क्या हममे से अधिकांश हिन्दू यह नही सोचतें की भारत हिन्दुओं क़ी भूमि हैं। लेकिन मै बता देना चाहता हूँ कि पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पडोशी जहां आज़ादी है,बहुशंख्यक के अनुसार ही देश चलता है बावज़ूद इसके वहा आराजकता के आलम हैं ।
Wednesday, 14 May 2014
स्थानीय समस्याओं का समाधान एक स्थानीय ईमानदार और सही प्रत्यासी ही कर सकता है,दिल्ली या गुजरात से कोई नहीं आयेगा।
Tuesday, 6 May 2014
आम जनता की मूर्खता
वर्तमान में आम सभा का चुनाव एक गंदी राजनिति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण बनकर रह गय है।बड़े-बड़े नेता लोगो को मुख्य मुद्दे से हटाकर अपनी ऊल्लू सीधा करने को प्रयाशरत है।कोई भी नेता लोगो को अपनी विकास नीति बताकर आकर्षित नहीं कर रहा है बल्कि एक दुसरे पर कीचड उझाल कर वोंट बैंक की राजनीति कर रहा है। जनता भी इनके झांसे मे आकर वाह! वाह! कर रही है लेकिन वास्तविकता कुछ और है और वो यह है कि इन नेताओ के पास कोइ सटीक विकासनिति है ही नही।
बबलू देव
(खड्डा-कुशीनगर)
deobabaloo@gmail.com
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