मै बबलू देव,बिहार का रहने वाला हूँ और इल्लाहाबाद से I.A.S. बनने को आया हूँ। मुझे राजनीति भी पसंद
है। मैं भारत के वर्त्तमान परिस्थितियों से प्रभावित होता हूँ । मुझे देश के विकास के लिए निश्वार्थ सेवा करने कि इच्छा है । मुझे गरीबों कि असहनीय दयनीय स्थिति दुःख देती हैं । मैं वाकई इसे देखकर दुःखी हो जाता हूँ । मेरा मन भटकता है मैं कुछ पल के लिए घबरा जाता हूँ । मेरे रोंगटे खड़े हो जातें है ।मै वाकई बिचलित हो जाता हूँ ।कई बार मैंने इनके लिए कुछ करने कि कोसिस कि तो पाया कि मै एक असम्भव को सम्भव बनाने कि कोसिस कर रहा हूँ । मै सोचता हूँ कि मै अपना समय आई.ए.एस.बनने के लिए क्यों बर्बाद कर रहा हूँ आखिर मै ऐसा क्यूँ कर रहा हूँ। मेरा लक्ष्य इन गरीबों कि सहायता करना ही तो है। मैं घबरा जाता हूँ ,मुझे भय होता है कि कही मै अंधकार मै तो नहीं। मै खुद से कई बार इस बात को पूछता कि हकीकत क्या है,सद मार्ग क्या है ?मेरा अंतरात्मा मुझे समझाता है कि मेरा ऐसा सोचना अकर्मण्यता है। वह मुझसे कहता है कि आखिर तू इनके लिए इस समय कर ही क्या सकता है। तेरे पास क्या है जो तू इनके लिए कुछ कर सकता है।
है। मैं भारत के वर्त्तमान परिस्थितियों से प्रभावित होता हूँ । मुझे देश के विकास के लिए निश्वार्थ सेवा करने कि इच्छा है । मुझे गरीबों कि असहनीय दयनीय स्थिति दुःख देती हैं । मैं वाकई इसे देखकर दुःखी हो जाता हूँ । मेरा मन भटकता है मैं कुछ पल के लिए घबरा जाता हूँ । मेरे रोंगटे खड़े हो जातें है ।मै वाकई बिचलित हो जाता हूँ ।कई बार मैंने इनके लिए कुछ करने कि कोसिस कि तो पाया कि मै एक असम्भव को सम्भव बनाने कि कोसिस कर रहा हूँ । मै सोचता हूँ कि मै अपना समय आई.ए.एस.बनने के लिए क्यों बर्बाद कर रहा हूँ आखिर मै ऐसा क्यूँ कर रहा हूँ। मेरा लक्ष्य इन गरीबों कि सहायता करना ही तो है। मैं घबरा जाता हूँ ,मुझे भय होता है कि कही मै अंधकार मै तो नहीं। मै खुद से कई बार इस बात को पूछता कि हकीकत क्या है,सद मार्ग क्या है ?मेरा अंतरात्मा मुझे समझाता है कि मेरा ऐसा सोचना अकर्मण्यता है। वह मुझसे कहता है कि आखिर तू इनके लिए इस समय कर ही क्या सकता है। तेरे पास क्या है जो तू इनके लिए कुछ कर सकता है।
No comments:
Post a Comment