अपने दीपक खुद बनो तुम
किसी से मत कुछ आश रखो तुम,
पर खुद ही आशा और विश्वाश रखो,
यही तो जरूरतें है तुम्हारी,
अपना सम्बल आप बनो तुम,
इनको लेकर साथ चलो तुम,
जब साथ छोड़ देंगे सभी,
मुंह मोड़ लेंगे सभी,
अँधेरे में छोड़ देंगे,
तुम्हारा नाजुक दिल तोड़ देंगे,
तब कौन देगा सहारा?
उस पल याद रखना,
तुम केवल इतना करना,
जीवन पथ पर आशा साथ,
अकेले में सहस के साथ,
लोगो में विश्वाश के साथ,
बस योंही जीना,
अंधकार में प्रकाश लाना,
यही तुम्हारा सम्बल है ।
किसी से मत कुछ आश रखो तुम,
पर खुद ही आशा और विश्वाश रखो,
यही तो जरूरतें है तुम्हारी,
अपना सम्बल आप बनो तुम,
इनको लेकर साथ चलो तुम,
जब साथ छोड़ देंगे सभी,
मुंह मोड़ लेंगे सभी,
अँधेरे में छोड़ देंगे,
तुम्हारा नाजुक दिल तोड़ देंगे,
तब कौन देगा सहारा?
उस पल याद रखना,
तुम केवल इतना करना,
जीवन पथ पर आशा साथ,
अकेले में सहस के साथ,
लोगो में विश्वाश के साथ,
बस योंही जीना,
अंधकार में प्रकाश लाना,
यही तुम्हारा सम्बल है ।
No comments:
Post a Comment